Breaking News :

पहले चरण के चुनाव के लिए JDU और BJP के सीटों की आधिकारिक घोषणा आज

नीतीश कुमार का राजनीतिक करियर समाप्त करना चाहती है BJP, ऐसे जानें समीकरण

सुशांत केस: AIIMS की रिपोर्ट पर मची हायतौबा, मुंबई पुलिस कमिश्‍नर ने द‍िया बड़ा बयान

53 किलोग्राम की मछली ने बनाया लखपति, बुजुर्ग महिला की रातोंरात खुली किस्‍मत

IPL 2020 पर सट्टेबाजों का साया, इस खिलाड़ी को मिला ऑफर तो BCCI ने शुरू की जांच

सलमान खान ने पूछा कब होगी मेरी शादी, ज्योतिषी ने दिया ऐसा जवाब…

BJP-JDU में सीट शेयरिंग को लेकर बन गई सहमति, चिराग को लेकर अभी भी खींचातानी

तबीयत बिगड़ने के बाद रामविलास पासवान के दिल का हुआ ऑपरेशन

सीट बटवारा होते ही टूट गया महागठबंधन, कांग्रेस ने माना तेजस्वी का लोहा

पिछले 10 वित्त वर्षों में 11 गुणा बढ़ा कृषि बजट, नए कृषि सुधारों से होगा लाभ

3-Dec-2020

पिछले 10 वित्त वर्षों में 11 गुणा बढ़ा कृषि बजट, नए कृषि सुधारों से होगा लाभ


केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री संतोष गंगवार ने कहा कि नए कृषि कानूनों और श्रम सुधार कानूनों से किसानों तथा कामगारों को काफी लाभ होगा। उन्होंने बताया कि कृषि मंत्रालय का बजट 11 गुणा बढ़कर 1.34 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है, जो कि यूपीए सरकार के कार्यकाल में 2009-10 में 12,000 करोड़ रुपये था। उन्होंने कहा कि यह देश में किसानों के कल्याण के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए गंगवार ने कहा कि नए कृषि कानूनों का उद्देश्य किसानों को देश में किसी भी तरह की उपज बेचने के लिए विपणन स्वतंत्रता प्रदान करना है। गंगवार ने इस बात पर जोर दिया कि किसान अब अपनी उपज दूसरे राज्यों में भी बेहतर दामों पर बेच सकेंगे। केंद्रीय मंत्री ने न्यूनतम समर्थन मूल्य खत्म करने की आशंकाओं को भी दरकिनार करते हुए कहा कि यूपीए शासन काल की तुलना में फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में काफी वृद्धि हुई है।

गंगवार ने पीएचडी चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स के सम्मलेन में श्रमिकों से सम्बंधित प्रमुख श्रम कानूनों के लाभों के बारे में व्यापक रूप से चर्चा की और बाद में भारतीय मज़दूर संघ के राष्ट्रीय सम्मेलन में भी इस बारे में बातचीत की। उन्होंने कहा कि इन सुधारों से आने वाले दिनों में श्रमिकों को आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी। गंगवार ने यह भी बताया कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने तीनों श्रम संहिताओं को अपनी सहमति दे दी है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अभूतपूर्व श्रम कल्याण और लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के अलावा इन श्रम संहिताओं से व्यापार को आसानी से आगे बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि उद्योग और कामगार एक दूसरे के पूरक हैं और इसलिए सभी को बदलते समय के साथ मिलकर काम करना होगा।

उन्होंने देश के अग्रणी उद्योगपतियों का आह्वान करते हुए कहा कि वे भारत को 5 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के अंतिम लक्ष्य को हासिल करने के लिए आर्थिक प्रगति के लिए सरकार को सहायता प्रदान करें। उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ-साथ कामकाजी स्थिति में भी सुधार लाने से वृद्धि और विस्तार में बढ़ोतरी होती है।

देश-दुनिया