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3-Dec-2020

सीट बटवारा होते ही टूट गया महागठबंधन, कांग्रेस ने माना तेजस्वी का लोहा


बिहार विधानसभा चुनाव के लिए महागठबंधन में सीटों का बंटवारा हो गया। पटना में जिस वक्त महागठबंधन की प्रेस कॉन्फ्रेंस हो रही थी उस दौरान हंगामा भी देखने को मिला। महागठबंधन का हिस्सा विकासशील इंसान पार्टी के प्रमुख मुकेश सहनी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस का बहिष्कार किया। इस दौरान तेजस्वी यादव मुर्दाबाद के नारे भी लगाए गए। लेकिन कांग्रेस ने तेजस्वी यादव को महागठबंधन का चेहरा मान लिया है।

बिहार विधानसभा की 243 सीटों में से 144 पर राष्ट्रीय जनता दल, 70 पर कांग्रेस और 29 सीटों पर लेफ्ट पार्टियां चुनाव लड़ेगी। लेफ्ट पार्टियों में सीपीएम को 4 सीटें, सीपीआई को 6, सीपीआई माले को 19 सीटें दी गई हैं। वीआईपी को आरजेडी को अपने कोटे से सीट देना था, लेकिन सीट शेयरिंग से असंतुष्ट मुकेश सहनी प्रेस कॉन्फ्रेंस से उठकर चले गए।

वीआईपी पार्टी ने महागठबंधन से नाता तोड़ लिया है। लेकिन जो तरीका अपनाया, वह किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं थी। पहले महागठबंधन के साथियों के साथ हाथ उठा कर तस्वीर खींचवाई। फिर तेजस्वी ने सीटों का ऐलान किया, तो बवाल काट दिया। उसके बाद मुकेश सहनी सुर्खियों में आ गए हैं। मुकेश सहनी 2019 लोकसभा चुनाव से पहले महागठबंधन में शामिल हुए थे।

दूसरी तरफ सीटों के बंटवारे और तेजस्वी यादव के नेतृत्व को लेकर लगातार महागठबंधन में दरार पड़ती नजर आ रही थी। फिर महागठबंधन के घटक दलों के सामने राजद के तरफ प्रस्ताव आया कि उन्हें उनके मन मुताबिक सीटें दी जाएंगी। यदि सभी तेजस्वी यादव का नेतृत्व मान लें तो इस बाबत घटक दलों ने महागठबंधन को आगे बढ़ाने और बिहार में भाजपा और जदयू की सरकार हटाने के लिए तेजस्वी यादव का नेतृत्व स्वीकार कर लिया।

#बिहार चुनाव