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10-Jul-2020

‘राघोपुर बलाट’ पंचायत के पूर्व मुखिया पर लगा लाखों के गबन सहित कई घोटालों में दोषी होने का आरोप


मधुबनी जिला के राजनगर प्रखंड अंतर्गत राघोपुर बलाट पंचायत के पूर्व मुखिया संजय मिश्र पर अपने कार्यकाल के दौरान लाखों का गबन तथा कई घोटालों में दोषी होने का आरोप लगाया गया है। हालांकि पूर्व मुखिया इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि ये सभी आरोप तथ्यहीन और बेबुनियाद है। पंचायत के ही सामाजिक कार्यकर्त्ता भागीरथ झा ने पूर्व मुखिया पर आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्व मुखिया संजय मिश्र ने अपने कार्यकाल के दौरान सड़क निर्माण, चापाकल, इंदिरा आवास योजना तथा शौचालय योजना में लाखों का घपला किया।

उन्होंने कहा कि संजय मिश्र ने ऐसे योजनाओं के नाम पर भी गबन किये हैं जो योजना पंचायत में आया ही नहीं। उन्होंने कहा कि योजना संख्या 0520011012/LD/40939 (महादलित टोला राम सराय धोबी के दरवाजे व घर में मिटटी भराई) का कार्य प्रारंभ 1 अप्रैल 2015 को होने वाला था जबकि इसका समापन 1 मई 2015 को होना था और यह संजय मिश्र का कार्यकाल था। लेकिन पूरे पंचायत में इस नाम का कोई व्यक्ति है ही नहीं। भागीरथ झा ने कहा कि इसी योजना को दोबारा योजना संख्या 0520011012/LD/51685 (महादलित टोला राम सराय धोबी के दरवाजे व घर आंगन में मिटटी भराई) का नाम देकर पुनः घोटाला किया गया। हालांकि मेटेरियल रजिस्टर में उक्त दोनों योजनाओं के बिल की तिथि 14 जुलाई 2016 की है और उस समय संजय मिश्र का कार्यकाल समाप्त हो गया था।



भागीरथ झा ने यह भी कहा कि किसी एक व्यक्ति के आंगन और दरबाजे पर मिटटी भराई के लिए एक लाख बीस हजार नौ सौ चौतीस रूपये कैसे खर्च हो सकते हैं वो भी दो बार। भागीरथ झा ने संजय मिश्र के कार्यकर्ताओं द्वारा पंचायत में शौचालय निर्माण के नाम पर उगाही, इंदिरा आवास के नाम पर घूसखोरी समेत कई आरोप लगाए जिसे उनके कार्यकाल में उनकी सहमति से अंजाम दिया गया। भागीरथ झा ने वर्तमान मुखिया दीपा देवी के कार्यकाल पर प्रश्न उठाते हुए कहा कि इस पंचवर्षीय में भी पंचायत का हाल बेहाल है पंचायत के लोगों की कोई नहीं सुन रहा और पूर्व मुखिया संजय मिश्र भी विपक्ष की भूमिका में नहीं दिख रहे हैं।

इन आरोपों के बाबत जब समाचार मिथिला के संपादक शिवेश झा ने पूर्व मुखिया संजय मिश्र से बातचीत की तो उन्होंने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने उक्त योजना संख्या के विषय में कहा कि बिल की तिथि मेरे कार्यकाल के बाद की है इसलिए रुपयों की निकासी वर्तमान मुखिया के द्वारा किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि उक्त योजना का अभिलेख मेरे कार्यकाल में इसलिए नहीं खोला गया क्योंकि मै यह चाहता था कि महादलित टोला में मिटटी भराई से सम्बंधित और योजना आए और सभी को एक साथ खोला जाए। उन्होंने कहा कि इस योजना के सम्बन्ध में मेरे द्वारा अभिलेख पर कहीं हस्ताक्षर नहीं किए गए हैं यह आरोप बेबुनियाद है।

पूर्व मुखिया ने यह भी कहा कि भागीरथ झा समाज सेवा के नाम पर पंचायत के लोगों को गुमराह करने का काम करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब पंचायत स्तर पर उनकी छवि धूमिल हो गई तो वापस पंचायत छोड़ गए और इस तरह के बेबुनियाद आरोप लगाने लगे। उन्होंने यह भी कहा कि मेरे कार्यकाल के दौरान पंचायत के हर वार्ड में जिस तरह का काम हुआ वैसा काम आज तक नहीं हुआ था। संजय मिश्र ने कहा कि मैं अपने कार्यकाल में अपने कर्तव्यों के प्रति सदैव तत्पर रहा हूं और अभी भी पंचायत हित में काम कर रहा हूं।