Breaking News :

रामविलास पासवान: सुर्ख़ियों के बावजूद ठौर की तलाश

बिहार में पटना सहित छह जिले फिर से लॉक, लगी हैं ये पाबंदियां

सौरव गांगुली ने किया एशिया कप रद्द करने का ऐलान तो पीसीबी ने कहा…

कांग्रेस का मास्टर प्लान, 243 सीटों पर सर्वे कराने के बाद लेगी ये निर्णय

नेपाल ने अब सीतामढ़ी में रोका भारत का सड़क निर्माण कार्य

नेपाल की नादानी! बिहार सीमा के पास नो मेंस लैंड पर बने पुल पर लगाया बोर्ड

बिहार में मास्क पर चढ़ा चुनावी रंग, राजनीतिक सुरक्षा के लिए होगी जंग

फजीहत के बाद नीतीश कुमार के आवास में नहीं खुलेगा कोविड-19 हॉस्पिटल

दरभंगा एयरपोर्ट से अब अक्टूबर में नहीं उड़ेगी विमान, एक और तारीख की हुई घोषणा

कोरोना पर भारी पड़ी आस्‍था, दीवार फांदकर बाबा के दर्शन को पहुंचे भक्त

10-Jul-2020

कमला तटबंध टूटने का खतरा, घबराये लोग रातभर जागकर बिता रहे समय


लगातार भारी बर्षा के कारण उत्तर बिहार की लगभग सभी नदियां उफान पर है। लगभग हर साल बाढ़ के खतरों से झूझने वाले लोग घबराये हुए हैं। इस घबराहट से परेशान लोग रातभर जागकर बिता रहे हैं, उन्हें डर है कि कहीं नदियां का तटबंध टूट न जाए। कमला नदी का तटबंध हर साल आस-पास के लोगों के लिए परेशानी पैदा करता रहा है ऐसे में लोगों की चिंता और घबराहट जायज है।

कमला बलान नदी कि बदलती धारा से नजदीक के गांव के लोग आशंकित हो उठे हैं। इसको लेकर रविवार को लोगो ने पूर्वी तटबंध सड़क को जाम कर दिया। उनकी मांग थी कि तटबंध को तुरंत मजबूत किया जाए। पत्थर व ईंट से पार्टिशन वाल दिया जाए। एक दो जगह पर डैम का भी निर्माण होना चाहिए। इससे तटबंध पर हो रहे खतरे को कम किया जा सके।

लोगों को आज भी साल 2002, 2004 और 2019 की प्रलयंकारी बाढ़ याद है। जिसने कमला तटबंध को तोड़कर कई बस्ती को तिनके की तरह साथ बहा दिया था। हर साल बारिश के मौसम में तटबंध से रिसाव होने लगता है। लोग घर द्वार छोड़कर छोटे-छोटे बच्चे, पशु, वृद्ध और बीमार को लेकर ऊंची जगह पर शरण लेने को मजबूर हो जाते हैं। हर साल इस समस्या से झुझते लोगों को इसके स्थाई निवारण का इंतज़ार है।