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10-Jul-2020

मधुबनी के अंतरराष्ट्रीय पैरा तैराक शम्स ने किया कमाल, हासिल की बड़ी उपलब्धि


मधुबनी के पैरा तैराक मो. शम्स आलम ने एक ऐसी उपलब्धि अपने नाम दर्ज करवा लिया है जिससे पूरे मिथिलांचल वासियों को गर्व महसूस हो रहा है। शम्स ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अपना नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज करा लिया है। जो किसी भी तैयार का सपना होता है। इस उपलब्धि के बाद शम्स के परिजनों में ख़ुशी का माहौल है।

बता दें कि आठ दिसंबर 2019 को बिहार तैराकी संघ द्वारा पटना के लॉ कॉलेज घाट पर गंगा में आयोजित मिश्री लाल स्मृति ओपन तैराकी चैंपियनशिप में 24 सामान्य व दिव्यांग तैराकों ने हिस्सा लिया था। शम्स ने 12 मिनट 23 सेकंड में दो किमी की तैराकी पूरी कर प्रथम स्थान हासिल किया था।

मधुबनी जिले के बिस्फी प्रखंड स्थित रथोस गांव में मो. नसीर के घर 17 जुलाई 1986 को पैदा हुए शम्स आलम को अधिकारिक प्रमाण पत्र इंडिया बुक ऑफ रेकार्डस् के द्वारा प्राप्त हो गया है। अपनी सफलता से उत्साहित शम्स आलम ने बताया है कि एसियन बुक ऑफ रेर्काड्स समेत लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रेर्काड्स तथा गिनिज बुक ऑफ वर्ल्ड रेर्काड्स में नाम दर्ज कराने के लिए उनका प्रयास जारी रहेगा।

शम्स के शरीर का आधा हिस्सा लकवाग्रस्त होने के बाद भी शम्स जिले से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पांच दर्जन मेडल प्राप्त कर चुके हैं। शम्स को 2010 में रीढ़ में दर्द की शिकायत हुई जिसके बाद कई ऑपरेशन भी किया गया लेकिन वह ठीक नहीं हो सके और व्हीलचेयर के सहारे ही दिन गुजारने लगे। लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। तैराकी में मेहनत करने लगे और आज इस मुकाम तक पहुंच गए।