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10-Jul-2020

महागठबंधन में दरार डालकर वापस एनडीए के साथ जाना चाहते हैं मांझी!


बिहार में महागठबंधन में एक तरह से दरार पड़ गई है। महागठबंधन को बचाने दिल्ली पहुंचे हिंदुस्तानी आवाम पार्टी के अध्यक्ष जीतन राम मांझी खाली हाथ लौटे हैं और आज वह महागठबंधन को लेकर बड़ा फैसला कर सकते हैं। मांझी अपने फैसले को लेकर अडिग हैं और जिस तरह से उन्होंने कहा था कि महागठबंधन के सबसे बड़े दल राष्ट्रीय जनता दल को समन्वय समिति बनानी होगी वो अभी तक बनी नहीं है।

25 जून तक महागठबंधन में कोआर्डिनेशन कमेटी बनाने की चेतावनी देने वाले जीतन राम मांझी अब अलगे पांच दिन में अपना रूख तय करेंगे। बताया गया कि सोनिया गांधी की पहल पर बुलाए गये महागठबंधन की वर्चुअल बैठक में कांग्रेस की ओर से मांझी को आश्वासन दिया गया था कि अगले 7 दिन में कोआर्डिनेशन कमेटी बना दी जाएगी। कांग्रेस के आश्वासन के दो दिन बीत जाने के बाद भी महागठबंधन में कमेटी को लेकर कोई सुगबुगाहट नही दिख रही।

ज्ञात हो कि विधानसभा चुनाव को देखते हुए जीतनराम मांझी ने सीट शेयरिंग के पहले महागठबंधन में समन्‍वय समिति के गठन की मांग रखी तथा इसपर फैसला के लिए 25 जून तक का अल्‍टीमेटम दिया। दरअसल, मांझी पिछले साल के आखिरी महीने से ही समन्‍वय समिति को लेकर अल्टीमेटम पर अल्टीमेटम देते आ रहे हैं, लेकिन आरजेडी झुकने के लिए तैयार नहीं है। मांझी चाहते हैं कि विधानसभा चुनाव में सीट शेयरिंग व मुख्‍यमंत्री चेहरा सहित तमाम बड़े फैसले समन्‍वय समिति करे।

इस बीच मामला यह नए सिरे से तब गरमा गया, जब तेजस्वी यादव ने अपने एक बयान में जीतनराम मांझी सहित सभी घटक दलों को सलाह दी कि वे आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह से बात करें। तेजस्‍वी के इस तेवर के बाद पलटवार करते हुए 'हम' के प्रवक्ता दानिश रिजवान ने कहा कि उनकी पार्टी जगतानंद सिंह से बात करने के लिए फतुहा के प्रखंड अध्यक्ष राजन राज को अधिकृत करती है।

कहा यह भी जा रहा है कि मांझी वापस नीतीश कुमार के साथ जा सकते हैं। जदयू ने भी इसके लिए पहल तेज़ कर चुकी है लेकिन अब फैसला मांझी को लेना है। मांझी यदि जदयू के साथ आते हैं तो महागठबंधन को झटका लगना तय है। माना जा रहा है कि महागठबंधन में भाव न मिलने से नाराज मांझी जल्द एनडीए में शामिल होने वाले हैं।