Breaking News :

बाबरी विध्वंस पर 28 साल बाद आया फैसला, आडवाणी, जोशी, उमा भारती सहित सभी आरोपी बरी

बिहार विधानसभा चुनाव के लिए मेनू कार्ड जारी, रसगुल्ला 15 तो समोसा 8 रुपये का

बाबरी मस्जिद विध्वंस केस: 28 साल बाद आज आएगा फैसला, आडवाणी, उमा भारती सहित 49 आरोपी

महागठबंधन में लगभग फाइनल हो गई सीट शेयरिंग, जानें RJD और कांग्रेस को मिली कितनी सीटें!

नीतीश के JDU में टिकट पाने को लेकर ‘मारामारी’, एक सीट पर 30 दावेदार

देश की पहली रैपिड रेल का FIRST LOOK जारी, 180 KM प्रतिघंटा होगी रफ्तार

लीजेंड सिंगर एसपी बालासुब्रमण्यम का निधन, 40 हज़ार से अधिक गानों में दी अपनी आवाज

हो गया बिहार विधानसभा चुनाव का ऐलान, जानिए कब और कितने चरणों में होगा चुनाव

कृषि बिल के खिलाफ चक्का जाम, पंजाब में रेलवे ट्रैक पर डटे आंदोलनकारी, कई ट्रेन प्रभावित

शुरू होने से पहले ही विवादों में घिरी दरभंगा हवाई सेवा, Spice Jet ने की धोखाधड़ी

1-Oct-2020

चीन के कहने पर अब ऐसा कदम उठाने वाला है नेपाल


भारत और नेपाल के बीच आपसी रिश्तों में खटास का फायदा चीन लगातार उठा रहा है। एक बार फिर से चीन ने नेपाल को अपने शब्दों के बाण से फांसने और उसे भारत से दूर करने की कोशिश की है। शनिवार को चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अगुवाई में चीन के शीर्ष नेतृत्व ने चीन-नेपाल मित्रता के निरंतर विकास की सराहना करते हुए कहा कि बीजिंग ने हमेशा काठमांडू को अपने बराबर माना है।

नेपाल में सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी में जारी अंदरूनी कलह के बीच उनका यह बयान आया है। दरअसल, चीन समर्थक प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली की सत्ता पर पकड़ को बीजिंग मजबूत करना चाहता है। नेपाल के साथ राजनयिक संबंधों की 65वीं वर्षगांठ के मौके पर अपनी नेपाली समकक्ष विद्या देवी भंडारी को शुभकामना संदेश देते हुए शी ने कहा कि वह दोनों पड़ोसी देशों के लोगों को ज्यादा से ज्यादा लाभ पहुंचाने के लिए काम करने को तैयार हैं।

इधर चीन के हाथों कठपुतली बन चुका नेपाल अब अपने देश के विवादित नक्शे को गूगल और भारत समेत अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भेजने की तैयारी कर रहा है। अपने इस नक्शे में नेपाल ने भारतीय क्षेत्र लिपुलेख, कालापानी और लिंपियाधुरा को अपना हिस्सा बताया है। नेपाल की भूमि प्रबंधन मंत्री पद्मा अर्याल ने कहा कि भारत और संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों समेत अंतरराष्ट्रीय समुदाय को नया नक्शा भेजा जाएगा।

नेपाली मापन विभाग को नए नक्शे की 4000 कॉपी को अंग्रेजी में प्रकाशित करने और उनसे अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भेजने को कहा है। नेपाल की ओली सरकार ने 20 मई को यह विवादित नक्शा जारी किया था। इसमें लिंपियाधुरा, लिपुलेख और कालापानी को नेपाल का हिस्सा दर्शाया गया है। भारत ने नेपाल के इस नक्शे को खारिज कर दिया है। भारत का कहना है कि नेपाल की यह एकतरफा कार्रवाई ऐतिहासिक तथ्यों और साक्ष्यों पर आधारित नहीं है।

देश-दुनिया