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10-Jul-2020

कोसी का जलस्तर बढ़ते ही बढ़ने लगी परेशानी, कई नदियों का पानी खतरे के निशान से ऊपर


मानसून सीजन के दौरान कोसी नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है जिससे कोसी बेल्ट के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि निचला इलाका जलमग्न हो रहा है। कई गांव के अगल-बगल बने घरों के पास पानी जमा होने लगा है। कई चापाकल के पास पानी जमा होने से पीने के पानी की शुद्धता पर असर पर रहा है। मवेशी चारा लाने के लिए नाव से लंबी दूरी तय करना पड़ रहा है।

जलस्तर में बढ़ोतरी से तटबंध पर कटाव का खतरा भी बढ़ गया है। वहीं, अररिया सहित नेपाल के तराई इलाकों में लगातार हो रही बारिश से सिकटी प्रखंड की बकरा व नूना नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि जारी है। इससे बाढ़ की आशंका से लोग भयभीत हैं। बकरा के जल स्तर में तेज वृद्धि के कारण विभिन्न घाटों पर चचरी के पुल बह गये हैं।

वर्तमान समय में त्रियुगा, घोरदह, पांची, पर्वता, बिहूल, भूतही बलान आदि नदियों मे वर्षा होने से पानी आ गया है। बता दें कि प्रखंड की चार पहाड़ी नदियों पांची, त्रियुगा, घेारदह एवं बिहूल में हर समय पानी का बहाव रहता है। वहीं बाकी नदियां बरसाती हैं। इसमे वर्षा होने पर पानी है और अधिक वर्षा होने पर बाढ़ आ जाती है।

इधर कटिहार जिले के महानंदा नदी का जलस्तर शनिवार को खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। जबकि, गंगा, कोसी और बरंडी नदी भी चेतावनी स्तर को छूने को आतुर है। महानंदा नदी के जलस्तर में वृद्धि से आजमनगर, कदवा, प्राणपुर, बलरामपुर आदि प्रखंड के दर्जनों गांव के निचले हिस्से बाढ़ के पानी की चपेट में आ चुके हैं।